古剑奇谭
कुलाधिपति होंगे राज्यपाल तो मंत्री प्रति कुलाधिपति, नए प्रविधान के मुताबिक ऐसे की जाएगी कुलपति की नियुक्ति_我的网站

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中国环流四号聚变装置剖面示意图。澎湃新闻记者杨漾摄 澎湃新闻从8月25日举行的2026核聚变能大会上获悉,由中国聚变能源有限公司牵头,联合上海超导、东部超导、上海交大、上海电气核电集团、超磁新能、能量奇点、杭氧集团、翌曦科技组建的长三角创新联合体将围绕中国环流四号聚变装置需求,形成高温超导强场托卡马克磁体研制能力与工程化技术体系,目标2028年前建成首条25T高温超导强场磁体研制和测试线,2030年前完成原型磁体研制。

B | राज्य ब्यूरो, रांची। विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के साथ-साथ अब प्रति कुलाधिपति भी होंगे। राज्यपाल विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होंगे। वे दीक्षा समाराेह की अध्यक्षता करेंगे। वहीं, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री प्रति कुलाधिपति होंगे। वे सीनेट की बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे। राज्य सरकार द्वारा विधानसभा से पारित किए गए झारखंड विश्वविद्यालय विधेयक, 2025 में इसका प्रविधान किया गया है। विधानसभा से पारित विधेयक में राज्यपाल की शक्तियां घटाई गई हैं। यहां तक कि कुलपति और प्रतिकुलपति की नियुक्ति में भी उनकी कोई शक्ति नहीं रह गई है। वे केवल कुलपति की नियुक्ति के लिए गठित होनेवाली सर्च कमेटी में एक सदस्य का मनोनयन कर सकेंगे। विभाग के प्रधान सचिव या सचिव इस सर्च कमेटी के अध्यक्ष होंगे। अन्य दो सदस्यों में राज्य सरकार द्वारा मनोनीत उच्च शिक्षण संस्थान के निदेशक तथा यूजीसी के प्रतिनिधि होंगे।,इसमें यह भी प्रविधान किया गया है कि सर्च कमेटी द्वारा कुलपति की नियुक्ति के लिए तैयार किए जानेवाले पैनल के निर्णय में समान मत होता है तो अध्यक्ष यानी विभागीय सचिव को निर्णायक मत देने का अधिकार होगा। सर्च कमेटी द्वारा उपलब्ध कराए गए पैनल से राज्य सरकार कुलपति की नियुक्ति करेगी।,कुलपति पद के लिए आवेदन करनेवाले व्यक्ति की आयु 65 वर्ष से अधिक नहीं होगी। कुलपति की नियुक्ति तीन वर्ष के लिए होगी। राज्य सरकार चाहे तो उसका तीन वर्ष का कार्यकाल संतोषजनक पाए जाने पर उसे अधिकतम दो वर्ष तक के लिए सेवा विस्तार दे सकेगा।,यदि उसकी आयु 70 वर्ष से अधिक न हो। विधेयक में यह भी प्रविधान किया गया है कि कुलपति की संबंधित विश्वविद्यालय में पुनर्नियुक्ति नहीं होगी। हालांकि वह अन्य विश्वविद्यालय में कुलपति नियुक्ति के लिए पात्र होगा। विश्वविद्यालयों में अब कई निदेशक के पद होंगे। अंगीभूत कालेजों के नियमन के लिए निदेशक, क्षेत्रीय केंद्रों के लिए भी निदेशक होंगे। इसी तरह, विश्वविद्यालय के अन्य कार्यों के निष्पादन के लिए भी निदेशक नियुक्त होंगे।。

C | 中国环流四号是全球首个高温超导强场稳态燃烧聚变实验平台,将系统验证聚变复杂环境下25T高温超导强场磁体的可靠性。作为实现聚变堆商用的必由之路,世界多国积极布局各自的高温超导聚变装置,包括美国的SPARC装置、英国的STEP装置,均采用高温超导技术路线。
(文章来源:澎湃新闻)。
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Published on:18:43:54
